BNS धारा 91 — शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 91 का विषय “शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य” है। नीचे मूल स्रोत और प्रतिलेखन उपलब्ध हैं। इस प्रावधान को इसके पूरे पाठ, अपवादों और संबंधित अध्याय के साथ पढ़ें।
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91. जो कोई, किसी शिशु के जन्म से पूर्व कोई कार्य इस आशय से करता है कि उस शिशु का जीवित पैदा होना उसके द्वारा रोका जाए या जन्म के पश्चात् उसके द्वारा उसकी मृत्यु कारित हो जाए, और ऐसे कार्य से उस शिशु का जीवित पैदा होना रोकता है, या उसके जन्म के पश्चात् उसकी मृत्यु कारित कर देता है, यदि वह कार्य माता के जीवन को बचाने के प्रयोजन से सदूभावपूर्वक नहीं किया गया है, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा |
हिंदी स्रोत: 25 दिसंबर 2023 का मूल अधिनियम। अंग्रेज़ी संस्करण का स्रोत 6 अक्टूबर 2025 का है; दोनों संस्करणों की तिथियाँ अलग हैं। बाद के संशोधनों, लागू होने की स्थिति और हिंदी प्रतिलेखन की पूरी समीक्षा बाकी है। स्रोत और समीक्षा स्थिति →