मुख्य पृष्ठ / अध्याय 3 / धारा 40
भारतीय न्याय संहिता, 2023 · धारा 40

BNS धारा 40 — शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रारंभ होना और बना रहना

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 40 का विषय “शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का प्रारंभ होना और बना रहना” है। नीचे मूल स्रोत और प्रतिलेखन उपलब्ध हैं। इस प्रावधान को इसके पूरे पाठ, अपवादों और संबंधित अध्याय के साथ पढ़ें।

प्रकाशक: आशीष शर्मा · कानूनी समीक्षा बाकी है। त्रुटि की जानकारी तैयार करें →

Commencement and continuance of right of private defence of body

मूल हिंदी पाठपढ़ने योग्य प्रतिलेखनRead in English ↗
आधिकारिक स्रोत का अंश

धारा 40 का मूल पाठ

धारा 40 का आधिकारिक हिंदी अंश, पीडीएफ पृष्ठ 22; नीचे उपलब्ध प्रतिलेखन की समीक्षा बाकी है
मूल हिंदी स्रोत · पीडीएफ पृष्ठ 22 · बड़ा करने के लिए चित्र खोलें

OCR मिलान: धारा पहचान और उपधारा अंकों की स्रोत-आधारित जाँच की गई। इस धारा में 0 सुधार दर्ज हैं। दो OCR पाठों में 0 अंतर आगे जाँच के लिए हैं। पूर्ण शब्दशः और कानूनी समीक्षा बाकी है।

प्रतिलेखन पढ़ें — समीक्षा बाकी है

यह पाठ मूल चित्र से स्वचालित रूप से पढ़ा गया है (OCR)। अक्षर, अंक या शब्द गलत हो सकते हैं। उद्धरण या कानूनी उपयोग से पहले ऊपर दिए मूल स्रोत से मिलान करें। यह सत्यापित वैधानिक पाठ नहीं है।

हिंदी स्रोत: 25 दिसंबर 2023 का मूल अधिनियम। अंग्रेज़ी संस्करण का स्रोत 6 अक्टूबर 2025 का है; दोनों संस्करणों की तिथियाँ अलग हैं। बाद के संशोधनों, लागू होने की स्थिति और हिंदी प्रतिलेखन की पूरी समीक्षा बाकी है। स्रोत और समीक्षा स्थिति →