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भारतीय न्याय संहिता, 2023 · धारा 351

BNS धारा 351 — आपराधिक अभित्रास

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 351 का विषय “आपराधिक अभित्रास” है। नीचे मूल स्रोत और प्रतिलेखन उपलब्ध हैं। इस प्रावधान को इसके पूरे पाठ, अपवादों और संबंधित अध्याय के साथ पढ़ें।

प्रकाशक: आशीष शर्मा · कानूनी समीक्षा बाकी है। त्रुटि की जानकारी तैयार करें →

Criminal intimidation

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आसान भाषा में • शैक्षिक मसौदा

इस धारा को समझें

आपराधिक अभित्रास में किसी को डराने, उससे ऐसा काम करवाने जिसे करने के लिए वह कानूनी रूप से बाध्य नहीं है, या उससे उसका कानूनी अधिकार छोड़वाने के आशय से धमकी देना शामिल है। धारा की शर्तों के भीतर धमकी व्यक्ति, प्रतिष्ठा या संपत्ति से संबंधित हो सकती है।

किन बातों पर ध्यान दें

समझने के लिए काल्पनिक उदाहरण

कोई व्यक्ति दूसरे को दीवानी दावा छोड़ने के लिए उसका घर जलाने की धमकी देता है। यह धमकी और कानूनी अधिकार छोड़ने के लिए विवश करने के आशय के बीच संबंध का उदाहरण है।

मूल वैधानिक पाठ से अलग शैक्षिक व्याख्या। स्वतंत्र कानूनी और अनुवाद समीक्षा बाकी है। स्रोत: नीचे दिया मूल हिंदी अधिनियम। Detailed English guide →

आधिकारिक स्रोत का अंश

धारा 351 का मूल पाठ

धारा 351 का आधिकारिक हिंदी अंश, पीडीएफ पृष्ठ 137; नीचे उपलब्ध प्रतिलेखन की समीक्षा बाकी है
मूल हिंदी स्रोत · पीडीएफ पृष्ठ 137 · बड़ा करने के लिए चित्र खोलें
धारा 351 का आधिकारिक हिंदी अंश, पीडीएफ पृष्ठ 138; नीचे उपलब्ध प्रतिलेखन की समीक्षा बाकी है
मूल हिंदी स्रोत · पीडीएफ पृष्ठ 138 · बड़ा करने के लिए चित्र खोलें

OCR मिलान: धारा पहचान और उपधारा अंकों की स्रोत-आधारित जाँच की गई। इस धारा में 1 सुधार दर्ज हैं। दो OCR पाठों में 7 अंतर आगे जाँच के लिए हैं। पूर्ण शब्दशः और कानूनी समीक्षा बाकी है।

प्रतिलेखन पढ़ें — समीक्षा बाकी है

यह पाठ मूल चित्र से स्वचालित रूप से पढ़ा गया है (OCR)। अक्षर, अंक या शब्द गलत हो सकते हैं। उद्धरण या कानूनी उपयोग से पहले ऊपर दिए मूल स्रोत से मिलान करें। यह सत्यापित वैधानिक पाठ नहीं है।

हिंदी स्रोत: 25 दिसंबर 2023 का मूल अधिनियम। अंग्रेज़ी संस्करण का स्रोत 6 अक्टूबर 2025 का है; दोनों संस्करणों की तिथियाँ अलग हैं। बाद के संशोधनों, लागू होने की स्थिति और हिंदी प्रतिलेखन की पूरी समीक्षा बाकी है। स्रोत और समीक्षा स्थिति →