धारा 186 का मूल पाठ

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186. (1) जो कोई, किसी बनावटी स्टाम्प को-- (क) बनाता है, जानते हुए चलाता है, उसका व्यौहार करता है या उसका विक्रय करता है या उसे डाक संबंधी किसी प्रयोजन के लिए जानते हुए उपयोग में लाता है ; या (ख) किसी विधिपूर्ण प्रतिहेतु के बिना, अपने कब्जे में रखता है ; या (ग) बनाने की किसी डाई, पट्टी, उपकरण या सामग्रियों को बनाता है, या किसी विधिपूर्ण प्रतिहेतु के बिना, अपने कब्जे में रखता है, वह जुर्माने से, जो दो सौ रुपए तक हो सकेगा, दंडित किया जाएगा |
(2) कोई ऐसा स्टाम्प, कोई बनावटी स्टाम्प बनाने की डाई, पट्टी, उपकरण या सामग्रियां, जो किसी व्यक्ति के कब्जे में है, अभिगृहीत की जा सकेगी और अभिगृहीत की जाएं तो जब्त कर ली जाएगी |
(3) इस धारा में “बनावटी स्टाम्प” से ऐसा कोई स्टाम्प अभिप्रेत है, जिससे यह मिथ्या रूप से तात्पर्यित हो कि सरकार ने डाक महसूल की दर के दयोतन के प्रयोजन से उसे जारी किया है या जो सरकार द्वारा उस प्रयोजन से जारी किसी स्टाम्प की, कागज पर या अन्यथा, अनुलिपि या अनुकृति या समरूपण है ।
(4) इस धारा में और धारा 78 से धारा 8 (दोनों सहित) तथा धारा 83 से धारा 85 तक में भी, (दोनों सहित) “सरकार” शब्द के अंतर्गत, जब भी वह डाक महसूल की दर के द्योतन के प्रयोजन से जारी किए गए किसी स्टाम्प के ससंर्ग या निर्देशन में उपयोग किया गया है, धारा 2 के खंड (2) में किसी बात के होते हुए भी, वह या वे व्यक्ति समझे जाएंगे जो भारत के किसी भाग में या किसी विदेश में, कार्यपालिका सरकार का प्रशासन चलाने के लिए विधि द्वारा प्राधिकृत है |