BNS धारा 295 — शिशु को अश्लील वस्तुओं का विक्रय, आदि
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 295 का विषय “शिशु को अश्लील वस्तुओं का विक्रय, आदि” है। नीचे मूल स्रोत और प्रतिलेखन उपलब्ध हैं। इस प्रावधान को इसके पूरे पाठ, अपवादों और संबंधित अध्याय के साथ पढ़ें।
मूल हिंदी स्रोत · पीडीएफ पृष्ठ 107 · बड़ा करने के लिए चित्र खोलें
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295. जो कोई, किसी शिशु को कोई ऐसी अश्लील वस्तु, जो धारा 294 में निर्दिष्ट है, बेचेगा, भाड़े पर देता है, वितरण करता है, प्रदर्शित करता है या परिचालित करता है या ऐसा करने की प्रस्थापना या प्रयत्न करता है प्रथम दोषसिद्धि पर दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, और जुर्माने से, जो दो हजार रुपए तक का हो सकेगा, तथा दूवितीय या पश्चात॒वर्ती दोषसिद्धि की दशा में दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने से भी, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा ।
हिंदी स्रोत: 25 दिसंबर 2023 का मूल अधिनियम। अंग्रेज़ी संस्करण का स्रोत 6 अक्टूबर 2025 का है; दोनों संस्करणों की तिथियाँ अलग हैं। बाद के संशोधनों, लागू होने की स्थिति और हिंदी प्रतिलेखन की पूरी समीक्षा बाकी है। स्रोत और समीक्षा स्थिति →