BNS धारा 247 — ऐसी राशि के लिए जो देय नहीं है, कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 247 का विषय “ऐसी राशि के लिए जो देय नहीं है, कपटपूर्वक डिक्री अभिप्राप्त करना” है। नीचे मूल स्रोत और प्रतिलेखन उपलब्ध हैं। इस प्रावधान को इसके पूरे पाठ, अपवादों और संबंधित अध्याय के साथ पढ़ें।
मूल हिंदी स्रोत · पीडीएफ पृष्ठ 95 · बड़ा करने के लिए चित्र खोलें
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247. जो कोई किसी व्यक्ति के विरुद्ध ऐसी राशि के लिए, जो देय न हो, या जो देय राशि से अधिक हो, या किसी संपत्ति या संपत्ति में के हित के लिए, जिसका वह हकदार न हो, डिक्री या आदेश कपटपूर्वक अभिप्राप्त करता है या किसी डिक्री या आदेश को, उसके तुष्ट कर दिए जाने के पश्चात् या ऐसी बात के लिए, जिसके विषय में उस डिक्री या आदेश की तुष्टि कर दी गई हो, किसी व्यक्ति के विरुद्ध कपटपूर्वक निष्पादित करवाता है या अपने नाम में कपटपूर्वक ऐसा कोई कार्य किया जाना सहन करता है या किए जाने की अनुमति देता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से जिसकी अवधि दो वर्ष की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ।
हिंदी स्रोत: 25 दिसंबर 2023 का मूल अधिनियम। अंग्रेज़ी संस्करण का स्रोत 6 अक्टूबर 2025 का है; दोनों संस्करणों की तिथियाँ अलग हैं। बाद के संशोधनों, लागू होने की स्थिति और हिंदी प्रतिलेखन की पूरी समीक्षा बाकी है। स्रोत और समीक्षा स्थिति →