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भारतीय न्याय संहिता, 2023 · धारा 223

BNS धारा 223 — लोक सेवक द्वारा सम्यक् रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा

भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 का विषय “लोक सेवक द्वारा सम्यक् रूप से प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा” है। नीचे मूल स्रोत और प्रतिलेखन उपलब्ध हैं। इस प्रावधान को इसके पूरे पाठ, अपवादों और संबंधित अध्याय के साथ पढ़ें।

प्रकाशक: आशीष शर्मा · कानूनी समीक्षा बाकी है। त्रुटि की जानकारी तैयार करें →

Disobedience to order duly promulgated by public servant

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आधिकारिक स्रोत का अंश

धारा 223 का मूल पाठ

धारा 223 का आधिकारिक हिंदी अंश, पीडीएफ पृष्ठ 87; नीचे उपलब्ध प्रतिलेखन की समीक्षा बाकी है
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धारा 223 का आधिकारिक हिंदी अंश, पीडीएफ पृष्ठ 88; नीचे उपलब्ध प्रतिलेखन की समीक्षा बाकी है
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हिंदी स्रोत: 25 दिसंबर 2023 का मूल अधिनियम। अंग्रेज़ी संस्करण का स्रोत 6 अक्टूबर 2025 का है; दोनों संस्करणों की तिथियाँ अलग हैं। बाद के संशोधनों, लागू होने की स्थिति और हिंदी प्रतिलेखन की पूरी समीक्षा बाकी है। स्रोत और समीक्षा स्थिति →