BNS धारा 206 — समनों की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जाना
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 206 का विषय “समनों की तामील या अन्य कार्यवाही से बचने के लिए फरार हो जाना” है। नीचे मूल स्रोत और प्रतिलेखन उपलब्ध हैं। इस प्रावधान को इसके पूरे पाठ, अपवादों और संबंधित अध्याय के साथ पढ़ें।
मूल हिंदी स्रोत · पीडीएफ पृष्ठ 82 · बड़ा करने के लिए चित्र खोलें
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206. जो कोई, किसी ऐसे त्रोक सेवक द्वारा निकाले गए समन, सूचना या आदेश की तामील से बचने के लिए फरार हो जाता है, जो ऐसे त्रोक सेवक के नाते ऐसे समन, सूचना या आदेश को निकालने के लिए वैध रूप से सक्षम हो, --
(क) वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि एक मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दंडित किया जाएगा ;
(ख) समन या सूचना या आदेश किसी न्यायात्रय में स्वयं या अभिकर्ता द्वारा उपस्थित होने के लिए, या दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए है, तो वह सादा कारावास से, जिसकी अवधि छह मास तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा |
हिंदी स्रोत: 25 दिसंबर 2023 का मूल अधिनियम। अंग्रेज़ी संस्करण का स्रोत 6 अक्टूबर 2025 का है; दोनों संस्करणों की तिथियाँ अलग हैं। बाद के संशोधनों, लागू होने की स्थिति और हिंदी प्रतिलेखन की पूरी समीक्षा बाकी है। स्रोत और समीक्षा स्थिति →