BNS धारा 201 — लोक सेवक, जो क्षति कारित करने के आशय से अशुद्ध दस्तावेज रचता है
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 201 का विषय “लोक सेवक, जो क्षति कारित करने के आशय से अशुद्ध दस्तावेज रचता है” है। नीचे मूल स्रोत और प्रतिलेखन उपलब्ध हैं। इस प्रावधान को इसके पूरे पाठ, अपवादों और संबंधित अध्याय के साथ पढ़ें।
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201. जो कोई, लोक सेवक होते हुए और ऐसे लोक सेवक के नाते, किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख की रचना या अनुवाद करने का भार-वहन करते हुए उस दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख की रचना, तैयार या अनुवाद, ऐसे प्रकार से जिसे वह जानता है या विश्वास करता है कि अशुद्ध है, इस आशय से, या सम्भाव्य जानते हुए, करता है कि उसके द्वारा वह किसी व्यक्ति को क्षति कारित करे, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा |
हिंदी स्रोत: 25 दिसंबर 2023 का मूल अधिनियम। अंग्रेज़ी संस्करण का स्रोत 6 अक्टूबर 2025 का है; दोनों संस्करणों की तिथियाँ अलग हैं। बाद के संशोधनों, लागू होने की स्थिति और हिंदी प्रतिलेखन की पूरी समीक्षा बाकी है। स्रोत और समीक्षा स्थिति →