धारा 176 का मूल पाठ

OCR मिलान: धारा पहचान और उपधारा अंकों की स्रोत-आधारित जाँच की गई। इस धारा में 1 सुधार दर्ज हैं। दो OCR पाठों में 2 अंतर आगे जाँच के लिए हैं। पूर्ण शब्दशः और कानूनी समीक्षा बाकी है।
प्रतिलेखन पढ़ें — समीक्षा बाकी है
यह पाठ मूल चित्र से स्वचालित रूप से पढ़ा गया है (OCR)। अक्षर, अंक या शब्द गलत हो सकते हैं। उद्धरण या कानूनी उपयोग से पहले ऊपर दिए मूल स्रोत से मिलान करें। यह सत्यापित वैधानिक पाठ नहीं है।
176. जो कोई, किसी अभ्यर्थी के साधारण या विशेष लिखित प्राधिकार के बिना ऐसे अभ्यर्थी का निर्वाचन अग्रसर करने या निर्वाचन करा देने के लिए कोई सार्वजनिक सभा करने में या किसी विज्ञापन, परिपत्र या प्रकाशन पर या किसी भी अन्य ढंग से व्यय करता है या करना प्राधिकृत करता है, वह जुर्माने से, जो दस हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा :
परन्तु यदि कोई व्यक्ति, जिसने प्राधिकार के बिना कोई ऐसा व्यय किया है, जो कुल मिलाकर दस रुपए से अधिक न हो, उस तारीख से जिस तारीख को ऐसे व्यय किए गए हों, दस दिन के भीतर उस अभ्यर्थी का लिखित अनुमोदन अभिप्राप्त कर लेता है, तो यह समझा जाएगा कि उसने ऐसे व्यय उस अभ्यर्थी के प्राधिकार से किए हैं ।