BNS धारा 16 — न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में किया गया कार्य
भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 16 का विषय “न्यायालय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में किया गया कार्य” है। नीचे मूल स्रोत और प्रतिलेखन उपलब्ध हैं। इस प्रावधान को इसके पूरे पाठ, अपवादों और संबंधित अध्याय के साथ पढ़ें।
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16. कोई बात, जो किसी न््यायात्रय के निर्णय या आदेश के अनुसरण में की जाए या उसके द्वारा समर्थित हो, यदि वह उस निर्णय या आदेश के प्रवृत्त रतते की जाए, अपराध नहीं है, चाहे उस न््यायात्रय को ऐसा निर्णय या आदेश देने की अधिकारिता न रही हो, परन्तु यह तब जब कि वह कार्य करने वाला व्यक्ति सदभावपूर्वक विश्वास करता हो कि उस न्यायालय को वैसी अधिकारिता थी ।
हिंदी स्रोत: 25 दिसंबर 2023 का मूल अधिनियम। अंग्रेज़ी संस्करण का स्रोत 6 अक्टूबर 2025 का है; दोनों संस्करणों की तिथियाँ अलग हैं। बाद के संशोधनों, लागू होने की स्थिति और हिंदी प्रतिलेखन की पूरी समीक्षा बाकी है। स्रोत और समीक्षा स्थिति →